बदायूं। जिले में तेजतर्रार एसएसपी अंकिता शर्मा की तैनाती के बावजूद कुछ पुलिसकर्मियों व नेताओं के कथित संरक्षण में आईपीएल सट्टा और जुआ फल-फूल रहा है। शहर के मीरा सराय निवासी पीड़ितों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर हिस्ट्रीशीटर मेहराज चौधरी और उसके साले सधीर पर गैंग बनाकर युवाओं को बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कोतवाली सदर का हिस्ट्रीशीटर व गैंगस्टर मेहराज चौधरी अपने साले सधीर के साथ मिलकर स्मैक तस्करी, जुआ और आईपीएल सट्टे का बड़ा नेटवर्क चला रहा है। सधीर के संबंध कथित तौर पर सत्ताधारी नेताओं और पुलिस के कुछ रसूखदार अधिकारियों से हैं, जो उसे 'बैकअप' प्रदान करते हैं।
हैरतअंगेज बात यह है कि सटोरियों ने पुलिस की छापेमारी से बचने के लिए गली से लेकर घर तक सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछा रखा है। सांठगांठ वाले पुलिसकर्मियों से सूचना मिलते ही वे कैमरों की मदद से पुलिस के आने से पहले फरार हो जाते हैं। 2017 में स्मैक तस्करी में जेल जा चुका मेहराज अब फिर से सक्रिय है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अंकिता शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा और दोषियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
चौकी नवादा पुलिस को बड़ी रकम, सत्ता के कद्दावर नेता छिड़कते हैं जान
सिविल लाइन क्षेत्र की नवादा चौकी आज ही नहीं बल्कि सालों से सट्टे के लिए बदनाम है। शिकायत में हिस्ट्रीशीटर और सटोरियों को लेकर इतिहास की लंबी कहानी है। आरोप है कि मेहराज चौधरी का जिले भर के अपराधियों के साथ उठना बैठना है। इसके साले सगीर चौधरी का अपराधियों के साथ-साथ पुलिस के कुछ अफसरों के पास बैठना और खानापीना है। यहां तक कि महीने का भी ध्यान रखता है। सगीर चौधरी का सत्ता के एक नेता के साथ इस पूरे मामले की हिस्सेदारी भी है। इस नेता के सहारे ही पुलिस से बैकअप ले रहा है। इसीलिए सट्टा फलफूल रहा है।
स्मैक तस्करी में जा चुका है जेल
सदर कोतवाली में मेहराज चौधरी हिस्ट्रीशीटर है तथा गैंगस्टर भी ल ग चुकी है। मेहराज चौधरी का आपराधिक इतिहास लंबा है। वर्ष 2017 में मेहराज चौधरी को थाना कोतवाली पुलिस ने स्मैक की पुड़िया समेत गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मेहराज को जेल भी भेजा था लग भग छह महीने जेल में रहा। जेल से छूटने के बाद मेहराज फिर से सट्टा, जुआ, आईपीएव कराने लगा है।
पुलिस पर नजर रखते हैं सटोरियों के गुर्गे
पुलिस हिस्ट्रीशीटर और सटोरियों पर क्या शिकंजा कसेगी और क्या कार्रवाई में कामयाबी मिल पायेगी। क्योंकि हिस्ट्रीशीटर व सटोरिया पुलिस से ज्यादा चालाक हैं। शिकायत में आरोप लगाया है कि हिस्ट्रीशीटर और सटोरियों ने गली से लेकर घर तक कैमरे लगा रखे हैं। जब भी पुलिस यहां पहुंचती है तो वह गली में लगे कैमरों में पुलिस की गतिविधियों को देखकर घर से भाग जाता है। लोगों ने गली से लेकर घर तक लगे कैमरों की जांच करने और उसे हटाने की मांग की है।
अवैध जमीन पर कब्जे में दर्ज हो चुके हैं कई मामले
हिस्ट्रीशीटर पर अवैध जमीन पर कब्जा करने के मामले में कई मामले सिविल लाइन थाने में दर्ज हो चुके हैं। सत्ताधारी नेता के संरक्षण के चक्कर में बड़ी कार्रवाई से बचता रहा है। लेकिन अब ईमानदार अधिकारी आने के बाद ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कसना जरूरी है। देखना यह होगा कि अब आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
एसएसतपी अंकिता शर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए है। जल्द ही इस तरह के आईपीएल सट्टा जैसे आपराधिक घटनाओं में लिप्त अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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