Badaun News : लेंस के नाम पर 2600 दिए , फिर भी चली गई आंखों की रोशनी


Badaun News : जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां मुफ्त इलाज के दावों के उलट लेंस के नाम पर गरीब मरीजों की जेब काटी जा रही है। बसियानी निवासी राय सिंह से 2600 रुपये वसूलने के बावजूद ऑपरेशन के बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है।

अलापुर थाना क्षेत्र के राय सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार की पोल खोली है। पीड़ित के अनुसार, डॉक्टर पीयूष मोहन अग्रवाल ने उन्हें मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सलाह दी थी। ऑपरेशन के दौरान अस्पताल स्टाफ ने बेहतर गुणवत्ता वाले लेंस का झांसा देकर उनसे 2600 अवैध रूप से ऐंठ लिए। सरकारी अस्पताल में जहां इलाज निःशुल्क होना चाहिए, वहां खुलेआम हुई इस वसूली ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित का आरोप है कि मोटी रकम देने के बाद भी उनकी आंखों की रोशनी नहीं लौटी। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय टरका दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में दलालों और कर्मियों का एक सिंडिकेट सक्रिय है, जो गरीब मरीजों को बेहतर सुविधा का सपना दिखाकर उगाही करता है। राय सिंह ने अब न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सरकारी मुफ्त इलाज पर प्राइवेट वसूली का ग्रहण।

जिला अस्पताल में दवाओं से लेकर ऑपरेशन तक की सुविधा सरकार द्वारा मुफ्त दी जाती है। बावजूद इसके, नेत्र विभाग में लेंस के नाम पर वसूली का यह खेल पुराना है। गरीब मरीजों को डराया जाता है कि सरकारी लेंस खराब है और अच्छा लेंस चाहिए तो पैसे देने होंगे। यह भ्रष्टाचार गरीबों के हक पर सीधा डाका है।

जांच की आंच से बच रहे सफेदपोश चेहरे

अस्पताल में चल रहे इस अवैध खेल की चर्चाएं लंबे समय से गलियारों में हैं। पहले भी कई मरीजों ने पैसे लेने की शिकायतें की थीं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में दोषियों के हौसले बुलंद हैं। अब देखना होगा कि जिलाधिकारी इस गंभीर प्रकरण में जांच कराकर पीड़ित को न्याय दिलाते हैं या मामला फाइलों में दब जाएगा।

लेंस के नाम पर अवैध वसूली की कोई लिखित शिकायत फिलहाल मेरे कार्यालय को नहीं मिली है। यदि पीड़ित द्वारा शिकायत की जाती है, तो मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। वसूली के दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अमित वार्ष्णेय, सीएमएस, जिला अस्पताल

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