शिखर संवाद ब्यूरो-
LPG Gas Crises : गैस की कमी ने अब गरीब तबके की आजीविका पर प्रहार करना शुरू कर दिया है। शहर के प्रमुख बाजारों में ठेला लगाकर पेट भरने वाले आधे से अधिक दुकानदार गैस न मिलने की वजह से गायब मिले।
सड़कों के किनारे चाट, पकौड़ी, चाय और अन्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर्स के लिए गैस सिलेंडर उनकी दुकान की जान है। वर्तमान में जारी गैस किल्लत के कारण इन छोटे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सर्वे के दौरान पाया गया कि कई व्यस्त चौराहों पर जहां पहले ठेलों की भरमार रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। दुकानदारों का कहना है कि वे ब्लैक मार्केट से ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने में असमर्थ हैं और सरकारी दर पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। कुछ दुकानदार कोयले या लकड़ी का विकल्प अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह न तो व्यावहारिक है और न ही किफायती। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई परिवारों के लिए अब दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की ओर से अभी तक इन छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

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