शिखर संवाद ब्यूरो- देवेश कुमार मिश्रा, संपादक
Badaun News : उत्तर प्रदेश के बदायूं में नियति ने ऐसा क्रूर खेल खेला कि एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में बिखर गया। शाहजहांपुर से ऑपरेशन कराकर घर लौट रहे दंपति के लिए उनकी कार ही 'चिता' बन गई। उसहैत थाना क्षेत्र के रौता गांव के पास चलती कार में अचानक आग लगने से 25 वर्षीय प्रिया की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई, जबकि उनके पति अर्पित जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। इस चीखते मंजर ने ढाई साल की मासूम के सिर से मां का साया हमेशा के लिए छीन लिया।
हादसे की दास्तां रोंगटे खड़े कर देने वाली है। उसहैत के वार्ड-6 निवासी अर्पित भारद्वाज अपनी पत्नी प्रिया का ऑपरेशन कराकर रात करीब 2 बजे घर लौट रहे थे। प्रिया पिछली सीट पर लेटी थीं, तभी अचानक इंजन से निकली लपटों ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि कार के सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया, जिससे दोनों अंदर ही फंस गए। अंधेरी रात में मदद के लिए मची चीखें गांव वालों के कान तक तो पहुंचीं, लेकिन जब तक ग्रामीण मौके पर जुटे, तब तक आग का गोला बनी कार प्रिया को लील चुकी थी।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह और पुलिस बल ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई, लेकिन तब तक प्रिया का शरीर केवल कंकाल मात्र रह गया था। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत अर्पित को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस हादसे ने न केवल दो परिवारों को तोड़ा है, बल्कि ढाई साल की उस नन्ही जान को अनाथ कर दिया जिसे शायद पता भी नहीं कि उसकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या फ्यूल लीकेज माना जा रहा है। फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है ताकि हादसे की असल वजह सामने आ सके। फिलहाल, पूरे उसहैत क्षेत्र में इस घटना के बाद मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।

0 टिप्पणियाँ