TET Mandate Protest : शिक्षक पात्रता परीक्षा TET की अनिवार्यता के विरोध में बदायूं के सैकड़ों शिक्षकों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल हुंकार भरी। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर आयोजित इस महाप्रदर्शन में शिक्षकों ने केंद्र सरकार से इस शिक्षक विरोधी आदेश को वापस लेने के लिए तत्काल अध्यादेश लाने की मांग की। जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी सेवा सुरक्षा की आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा और जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला महामंत्री फरहत हुसैन ने किया। धरना स्थल पर शिक्षकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। वक्ताओं का तर्क है कि वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर कोर्ट के आदेश के बहाने टीईटी की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह अव्यावहारिक है। इससे हजारों शिक्षकों के भविष्य और आजीविका पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। टीचर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा और वरिष्ठ नेता योगेश त्यागी ने स्पष्ट किया कि सरकार को शिक्षकों के अनुभव का सम्मान करना चाहिए, न कि उन्हें नई शर्तों में उलझाकर असुरक्षित महसूस कराना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अध्यादेश लाकर इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो देशभर में आंदोलन को और अधिक उग्र और व्यापक बनाया जाएगा। बदायूं से पहुंचे प्रमुख पदाधिकारियों में राजन यादव, परवेज अनवर, पुनीत आहूजा, मोहम्मद अय्यूब और सतीश सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक शामिल रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों में अपने अधिकारों के प्रति अभूतपूर्व एकजुटता देखी गई। शिक्षकों का कहना है कि वे अपने सम्मान और अधिकार की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।

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