संवाददाता। शिखर संवाद बदायूं
अधिशासी अभियंता नलकूप निर्माण खंड कार्यालय में कार्यरत चपरासी की हत्या के मामले में पुलिस ने हत्या के खुलासे की तैयारी तो तीन दिन पहले ही कर ली थी। पुलिस को भरोसा था कि हिस्ट्रीशीटर जो कि मुख्य आरोपी है वह उनके हाथ आ जायेगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पुलिस की तीन टीमे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं सकी है। यही कारण है कि चपरासी हत्या कांड के खुलासे में पुलिस को बरसात में भी पसीना आने लगा है।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के गांव दौरी नरोत्तमपुर निवासी कृष्ण अवतार नलकूप निर्माण खंड में चपरसी के पद पर तैनात थे। दो जुलाई की रात को उनकी कार्यालय में ही पीटपीट कर हत्या कर दी गयी थी, उनका शव नलकूप निर्माण खंड कार्यालय में उस समय मिला था जब सोमवार की सुबह स्वीपर झाडू लगाने कार्यालय पहुंचा। जहां कृष्ण अवतार की लाश मिली।
पुलिस ने अज्ञात हत्यारोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने अलापुर थाना क्षेत्र के दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो आरोपियों ने पूरा राज उगल दिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चपरासी शाम को कार्यालय पहुंचा था उसी समय एक हिस्ट्रीशीटर अपने तीन अन्य साथियों के साथ वहां पहुंच गया। सभी में कार्यालय में ही जमकर शराब पी और नशे की हालत में हुई कहासुनी के बाद चपरासी की पीटकर हत्या कर दी गयी।
हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपियों की तलाश में रुका खुलासा
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के गांव दौरी नरोत्तमपुर निवासी कृष्ण अवतार हत्या कांड का खुलासा करने को पुलिस आतुर है। हिस्ट्रीशीटर व उसके साथी की तलाश में घटना का खुलासा अटक गया है। पुलिस को अनुमान है कि हिस्ट्रीशीटर के आने के बाद हत्या के पीछे का कोई राज भी हाथ आ सकता है। अभी तक की पूछतांछ में केवल शराब के नशे में मारपीट में चपरासी की मौत होना पाया गया है। पुलिस सात दिन बाद भी हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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