Badaun News : सहसवान में अवैध वसूली का बोलबाला, प्रशासन मौन, क्या दबंगई के आगे नतमस्तक है तंत्र?


Badaun News : बदायूं के सहसवान नगर क्षेत्र में ऑटो चालकों से हो रही अवैध वसूली अब एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और लगातार प्रकाशित हो रही खबरों के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। ऑटो चालकों का आरोप है कि नगर पालिका की आड़ में ठेकेदार और दलाल खुलेआम लूट मचा रहे हैं। डीएम के आश्वासनों के बाद भी धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई न होना, अधिकारियों के कथित संरक्षण की ओर इशारा कर रहा है।

सहसवान के प्रमुख चौराहों जैसे अकबराबाद चौराहा, बिसौली स्टैंड, कछला स्टैंड और हरदतपुर चौराहा पर अवैध उगाही का धंधा फल-फूल रहा है। पीड़ित चालकों के अनुसार, उनसे प्रतिदिन 50 से 100 तक की जबरन वसूली की जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन स्थानों पर कोई अधिकृत स्टैंड नहीं है, वहां भी दलाल डंके की चोट पर पैसा वसूल रहे हैं। यदि कोई चालक विरोध करता है, तो उसके साथ गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट की जाती है। इन दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून का जरा भी खौफ नहीं है।

स्थानीय निवासियों और चालकों का कहना है कि प्रशासन की यह निष्क्रियता ढाक के तीन पात वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। खबरें छपने और साक्ष्य मौजूद होने के बाद भी कार्रवाई न होना, दाल में कुछ काला होने का संकेत देता है। लोग अब यह पूछने पर मजबूर हैं कि क्या यह वसूली बिना विभागीय मिलीभगत के संभव है? या फिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

इस पूरे प्रकरण में अधिकारियों की चुप्पी न केवल उनकी कार्यक्षमता पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि शासन की छवि को भी धूमिल कर रही है। अब जनता की निगाहें जिले के आला अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस 'अवैध उगाही' के सिंडिकेट को तोड़ते हैं या फिर सहसवान की सड़कों पर यह लूट का खेल यूं ही बदस्तूर जारी रहेगा। प्रशासन को अब "सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे" वाली नीति छोड़कर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

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