बृजेश बने बिल्सी कोतवाल,राजेंद्र बहादुर को मिली उसहैत की कमान ,एसएसपी ने पांच इंस्पेक्टरों के किए तबादले,दो का चार्ज छिना


 संवाददाता। शिखर संवाद बदायूं

बदायूं। एसएसपी डॉ.ओपी सिंह ने रविवार को पांच प्रभारी निरीक्षकों के तबादले कर दिए हैं। जिसमें दो प्रभारी निरीक्षकों का चार्ज छीनकर उन्हें क्राइम ब्रांच भेजा गया है। उनके स्थान पर पुलिस लाइंस से नए इंस्पेक्टर को तैनाती दी गई है। वहीं, पिछले दिनों मृतक के खिलाफ मुकदमा लिखने के आरोप में निलंबित किए गए एसआई राजेश कौशिश को बहाल करते हुए एसएसपी ने उन्हें अपना पीआरओ बनाया है। जिन दो नए इंस्पेक्टर को थानों में तैनाती दी गई है। वह जल्द ही शाहजहांपुर जिले से स्थानांतरित होकर यहां आए हैं।
एसएसपी ने बिल्सी थाने के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार का चार्ज छीनते हुए उन्हें क्राइम ब्रांच भेजा है। बता दें कि फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप भी इंस्पेक्टर अशोक कुमार पर लग चुका है। साथ ही वह क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले किशोर को तलाशने में नाकाम रहने का आरोप झेल चुकें हैं। किशोरी की बरामदगी को लेकर परिजन एसएसपी दफ्तर पर विरोध प्रदर्शन कर चुकें हैं। इसके अलावा भी कई ऐसे मामले सामने आए जिसमें उनकी नाकामी जगजाहिर रही। जिससे वह एसएसपी की रडार लंबे समय से चल रहे थे। आखिरकार रविवार को उनका विकेट एसएसपी ने गिरा ही दिया। उनके स्थान पर पुलिस लाइन में तैनात ब्रजेश कुमार सिंह को बिल्सी थाने का प्रभारी बनाया है। प्रभारी निरीक्षक उसहैत वीरपाल सिंह का भी चार्ज एसएसपी ने छीन लिया है। उन्हें भी क्राइम ब्रांच भेजा गया है।उनके स्थान पर पुलिस लाइन में तैनात इंस्पेक्टर राजेंद्र बहादुर सिंह को उसहैत थाने की जिम्मेदारी दी गई है। बृजेश सिंह व राजेंद्र बहादुर हाल ही में शाहजहांपुर जिले से स्थानांतरित होकर यहां आए हैं। वहीं क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर राजेश कुमार को एसएसपी ने अपना रीडर बनाया है। एसएसपी ने उझानी इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह को भी थाने से हटाते हुए क्राइम ब्रांच भेजा था। हालांकि बाद में उनका तबादला निरस्त कर अगले आदेश तक उन्हें उझानी की जिम्मेदारी ही सौंपी गई है। जबकि पहली सूची में उसहैत एसएचओ का तबादला नहीं हुआ था। लेकिन दूसरी सूची में उनका चार्ज छीन लिया गया है। थानाध्यक्ष मुजरिया के पद पर तैनाती के दौरान पिछले दिनों उपनिरीक्षक राजेश कौशिक को निलंबित किया गया था। क्योंकि थाने के मालखाने में कई साल पहले हुए कारतूस घोटाले के बाद जिस हेड मोहर्रिर के खिलाफ मुकदमा लिखा गया था, उसकी मौत हो चुकी है। मामला उजागर होने पर राजेश कौशिक की ओर से यह मुकदमा पिछले दिनों लिखा गया था। लेकिन उन्होंने मुकदमे में यह जिक्र कर दिया था कि हेड मोहर्रिर मृतक है। क्योंकि यह तथ्य विवेचना में सामने लाया जाना था। हालांकि एसएसपी ने राजेश कौशिक को अब बहाल कर दिया है और उन्हें अपना पीआरओ बनाया है। इनके अलावा 14 अन्य दरोगा भी इधर से उधर किए गए हैं।

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