Women Reservation Amendment Bill : शुक्रवार को सदन में भाजपा द्वारा पेश किए गए महिला आरक्षण बिल को बहुमत न मिल पाने के कारण गिर गया। इसपर भाजपा नेताओं ने कड़ा रोष व्यक्त किया हैं। बदायूं के एमएलसी वागीश पाठक ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक ऐसा मोड़ आया, जिसे इतिहास का काला अध्याय कहा जा सकता है। लोकसभा में संविधान 131वां संशोधन विधेयक का पारित न हो पाना करोड़ों महिलाओं के अटूट भरोसे और सपनों पर प्रहार है। जब देश नारी को शक्ति मानकर आगे बढ़ रहा है, तब विपक्ष की संकीर्ण राजनीति ने उनके सशक्तीकरण की राह में दीवार खड़ी कर दी है।
एमएलसी वागीश पाठक ने इस घटनाक्रम पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे कांग्रेस, टीएमसी डीएमके और समाजवादी पार्टी सहित पूरे इंडी गठबंधन की महिला विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक विधेयक का गिरना नहीं है, बल्कि उन करोड़ों बहनों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है जो समान अधिकारों और अवसरों की प्रतीक्षा कर रही थीं। विपक्ष के इस कदम को नारी शक्ति के सामर्थ्य का अपमान बताते हुए पाठक ने चेतावनी दी है कि यह आक्रोश अब थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि याद रखिए, शक्ति का यह क्रोध आपके राजनीतिक अंत की शुरुआत है। देश की महिलाएं अपने सपनों को रौंदने वालों को पहचान चुकी हैं।
आगामी 2029 के लोकसभा चुनाव और अन्य स्थानीय चुनावों में देश की नारी शक्ति अपने इस अपमान का जवाब वोट की चोट से देगी। यह घटना स्पष्ट करती है कि जहां एक ओर सरकार महिलाओं को निर्णायक भूमिका में लाने के लिए संकल्पित है, वहीं विपक्ष का रुख उनकी प्रगति में बाधक बना हुआ है। अब यह संघर्ष सदन से निकलकर जनता की अदालत तक पहुंचेगा।

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