Aditya Yadav On Bl Verma : जिले को मिली नई इंटरसिटी एक्सप्रेस की सौगात अब विकास के ट्रैक से उतरकर तीखी राजनीतिक बयानबाजी के मैदान में पहुंच गई है। भाजपा और सपा के बीच उपजा क्रेडिट वॉर उस वक्त व्यक्तिगत हमलों में तब्दील हो गया जब सांसद आदित्य यादव और केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा आमने-सामने आ गए। जहां भाजपा इसे मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बता रही है, वहीं सपा सांसद ने इसे जनता के संघर्ष का प्रतिफल बताते हुए बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सत्ता पक्ष को बुरी तरह घेरा है।
मंगलवार को सांसद आदित्य यादव ने केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा के दावों पर कड़ा पलटवार करते हुए तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा ट्रेन चलाने का श्रेय लेने के लिए इतनी आतुर है, तो हाल ही में जिले में दिनदहाड़े हुई एचपीसीएल अधिकारियों की जघन्य हत्या की जिम्मेदारी से क्यों बच रही है? सांसद ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या इस हत्याकांड का श्रेय भी मंत्री जी या उनकी पार्टी लेगी? दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब बीएल वर्मा ने ट्रेन के कार्यक्रम में सांसद की अनुपस्थिति पर कटाक्ष करते हुए उन्हें मुंह दिखाने लायक नहीं' बताया था।
इसके जवाब में आदित्य यादव ने मंत्री को सीधे चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती दे डाली। उन्होंने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोलते हुए कहा कि 10 साल की केंद्र सरकार और 6 साल की सांसदी के बावजूद भाजपा के पास अपना दिखाने को कुछ नहीं है, इसलिए वे दूसरों के कार्यों पर अपनी मुहर लगा रहे हैं। सांसद ने जिले के मेडिकल कॉलेज की बदहाली और चरमराई सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि अधिकार संघर्ष से छीने जाते हैं, भीख में नहीं मिलते।
उन्होंने इस ट्रेन को लोकसभा में अपनी आवाज और जनता के लंबे संघर्ष का परिणाम करार दिया, जबकि बीएल वर्मा इसे अपने व्यक्तिगत प्रयासों की सफलता बता रहे हैं। फिलहाल, इंटरसिटी के पहियों के साथ बदायूं की सियासत में भी जबरदस्त रफ्तार आ गई है।

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